किसी औद्योगिक संगठन में पर्सनल विभाग के क्या-क्या कार्य होते हैं?

सेविवर्गीय प्रबंधन, सामान्य प्रबंधन का ही एक कार्य होता है. यह अलग से कोई शक्ति नहीं है अर्थात प्रबंधन के अनेक कार्यों में से यह भी एक कार्य है. और संस्था से अलग इसका अपना कोई अस्तित्व नहीं है. किसी औद्योगिक संगठन के सेविवर्गीय या पर्सनल विभाग (Personnel Department) के अनेक कार्य है जिसे नीचे दर्शाया गया है.

पर्सनल विभाग के इन कार्यों को दो भागों में बाटा जा सकता है.

  • प्रबंधकीय कार्य (Managerial Works)
  • क्रियात्मक कार्य (Functional Works)

प्रबंधकीय कार्य – Managerial Works in hindi

प्रबंधकीय कार्य

इसके अन्दर जिन कार्यों को रखा गया है उनकी सूची नीचे देखें –

नियोजन कार्य

इसमें कार्य करने की एक विधि का विकास किया जाता है. साथ ही कार्यक्रम का विकास किया जाता है जो क्रियात्मक कार्य को करने का अध्ययन करता है.

संस्था की सथापना

इसमें एक संस्था का निर्माण करना होता है. जिसमे नियोजन को लागु किया जा सके इसमें पर्सनल विभागीय क्रियाओं का वर्गीकरण करना, कार्य का विभाजन करना अधिकारों का समन्वय करना एवं आपसी संबंध स्थापित करना इत्यादि कार्य शामिल है.

अभिप्रेरणा

इसमें श्रमिकों का निरीक्षण एवं उनका मार्गदर्शन करना शामिल है. श्रमिकों में संस्था के नीतियों के प्रति आस्था उत्पन्न करने हेतु कार्य करना, अच्छे कार्य करने हेतु श्रमिकों को परामर्श देना तथा विश्वास के साथ कार्य करने के प्रति प्रेरित करना इत्यादि शामिल है.

नियंत्रण

इसमें कार्यों का मापन, त्रुटियों का सुधार एवं नियोजन के कार्यों को पूरा करना आदि आता है. प्रत्यक्ष देखभाल एवं निरीक्षण, रिपोर्ट, रिकार्ड एवं अंकेक्षण विधि से पर्सनल विभाग आकलन कर लेता है की सभी क्रियाएं योजना के अनुरूप चल रही है या नहीं.

संगठन

सेविवर्गीय प्रबंध का कार्य मानवीय साधनों का सर्वोत्तम संगठन उपलब्ध करना होता है अर्थात ऐसे संगठनों की स्थापना करना जो संस्था के नियमों का कार्यात्मक रूप से पालन कर सके.

समन्वय

सेविवर्गीय प्रबंधन का कार्य कर्मचारियों एवं किये जाने वाले कार्य के बीच उचित सामजस्य स्थापित करना होता है. अर्थात संस्था के प्रत्येक व्यक्ति के लिए उचित कार्य तथा प्रत्येक कार्य पर उचित व्यक्ति की व्यवस्था सेविवर्गीय प्रबंधन द्वारा ही किया जाता है.

क्रियात्मक कार्य – Functional Works in hindi

पर्सनल विभाग के क्रियात्मक कार्यों की सूची इस प्रकार है –

प्राप्ति

इसके अंतर्गत मानव शक्ति (Man Power) की मांग का निर्धारण करना भर्ती, चुनाव एवं नौकरी देना आता है.

विकास

प्रशिक्षण एवं शिक्षा, सुझाव विधि, सवहन एवं कार्य की प्रगति एवं प्रवर्तक इसके अंतर्गत आता है.

क्षतिपूर्ति

प्रत्येक कार्य में वर्गीकरण हेतु पारिश्रमिक एवं वेतनमान निर्धारित करना, अधिकारीयों को पारितोषिक की व्यवस्था एवं रोजगार में स्थायित्व लाने की दृस्टि से वित्तीय योजना में स्थिरता लाना इसके अंतर्गत आता है.

सम्मिश्रण

अनुशासन एवं असंतोष श्रमिक प्रबंधन संबंधन औद्योगिक समुदाय से संबंध, तालाबंदी, अवकास प्राप्ति आदि इसके अंतर्गत आता है.

भरण पोषण

मनोरंजन, प्राथमिक उपचार, केन्टीन, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य बीमा आदि

रिकार्ड, अंकेक्षण एवं अनुसन्धान

इस हेतु उचित पद्धति एवं निति निर्धारण करना

कर्मचारी कल्याण

कर्मचारियों की बीमा, स्वास्थ्य चिकित्सा, शिक्षा, खेलकुद, मनोरंजन, आवास, केंटीन, कार्य की अच्छी दशाओं आदि की व्यवस्था भी पर्सनल विभाग का ही कार्य है.

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आखिर में

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