वायरल बुखार के लिए घरेलू उपाय | वायरल बुखार को ठीक कैसे करें?

वायरल बुखार के लिए घरेलू उपाय : मौसम का बदलाव और आज के समय में हमारे खान-पान, वातावरण ऐसे हो गएँ हैं कि, वायरल बुखार होना आम बात है. हर घर में कोई ना कोई व्यक्ति वायरल बुखार से ग्रसित रहता है. वायरल बुखार सबसे बड़ी परेशानी यह है कि यदि, घर में एक व्यक्ति भी इस रोग से ग्रस्त है तो यह पुरे परिवार को प्रभावित कर सकता है.

वायरल बुखार के विषय में यह कहना सहीं होगा की आज के time पे यह बहुत ही जिद्दी किस्म का हो गया है, वो क्यों, तो वो ऐसे कि पहले जब वायरल भुखार होता था तो ज्यादा से ज्यादा 2 या 3 दिन में ठीक हो जाता था, पर अब ऐसा नहीं है

अब तो 12, 15 दिन जब तक ना हो और आपका शरीर पूरी तरह से कमजोर ना हो वायरल बुखार जाने का नाम नहीं लेता, बात दरअसल यह है की मौसम का परिवर्तन आपके इम्यून शक्ति मतलब आपकी रोगों से लड़ने की क्षमता को कम कर देती है.

वायरल बुखार के लक्षण – Symptoms of Viral Fever hindi

वायरल बुखार छोटे-छोटे जीवाणुओं के कारण होता है जिन्हे हम खुले आंख से नहीं देख सकते केवल सूक्ष्मदर्शी के सहायता से देखा जा सकता है, कोई व्यक्ति वायरल बुखार से पीड़ित है तो उसमे नीचे लिखें गए लक्षण उभरते हैं –

  • गले में दर्द होता है
  • सिर में दर्द का होना
  • पेट में दर्द होना
  • पुरे शरीर में दर्द होता है
  • खांसी का होना
  • उल्टी की समस्या
  • दस्त होना
  • शरीर का तामपान तेज़ी से बढ़ना (शरीर गर्म होना) आँखों का लाल होना इत्यादि।

अधिकतर वायरल बुखार के केश में किसी भी प्रकार की test कराने की आवश्यकता नहीं होती, क्योकि ऊपर दिए जानकारी के हिसाब से इसका पता लगाया जा सकता है. परन्तु फिर भी मरीज का बुखार कम व ख़त्म नहीं होता तब CBC (Complete blood count) test कराना आवश्यक हो जाता है.

इस test के माध्यम से हम यह पता लगा पाते हैं की अगर CBC कम है तब वायरल बुखार की समस्या है और अगर CBC बढ़ा हुआ है तब बैक्टीरियल इन्फेक्शन है.

वायरल बुखार को ठीक कैसे करें?

  • बाहर का खाना, खुला खाना, आदि ना खाएं
  • बेमौसम बरसात में भीगने से बचें
  • अगर किसी वजह से आप बरसात के पानी में भीग भी जाते हो तो घर पहुंचकर गर्म पानी से अवश्य नहा लें
  • रोग प्रतिरोधक बढ़ाने के लिए हल्दी सबसे उपयोगी है, रात में सोने से पहले हल्दी का दूध अवश्य पियें
  • सब्जियों में अनेक प्रकार के दवाइयों का प्रयोग किया जाता है, सो सब्जी को पकाने से पहले हल्के गर्म पानी में नमक डालकर अवश्य धोए
  • अपने office, स्कुल, या कहीं भी बाहर से जब घर आएं तो घर आकर हाँथ पैर को साबुन से अच्छे से धोएं
  • अगर आप भीगे हुए हैं या गीले है तो इसी स्तिथि में AC या कूलर के सामने ना आएं
  • नमक पानी से कुलकुला करें और सलाइन नेजल ड्राप का प्रयोग करें
  • संक्रमित स्थान या अत्यधिक भीड़ जैसे हॉस्पिटल इत्यादि में फालतू के जाने से बचें
  • अगर आप वायरल बुखार से ग्रसित हो जाते हैं तो office, स्कुल, या अन्य भीड़ वाली जगह ना जाये ताकि अन्य लोग संक्रमित ना हो।

ऊपर दिए गए शब्दों से आप यह समझ चुकें है कि वायरल फीवर हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी होने पर हमको संक्रमित करता है. हमारा शरीर रोजाना ना जाने कितने बिमारियों से लड़ता है तो उसे भी तो चाहिए की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी हो. आगे बढ़ते हुए जानते हैं की आयुर्वेद के अनुसार वायरल बुखार का उपचार क्या है.

वायरल बुखार के लिए घरेलू उपाय

वायरल बुखार के लिए तुलसी का काढ़ा

आपने घर में पुराने बुजुर्गो या दादी माँ को ही ले लीजिये आपने दादी माँ को वायरल या मौसमी बुखार आ जाने पर तुलसी के पत्ते, काली मिर्च के दाने, अदरक और गुड़ के साथ उबालकर काढ़ा बनाते देखा होगा. आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि तुलसी में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं.

एंटीऑक्सीडेंट्स क्या है?

एंटीऑक्सीडेंट्स आपके भोजन में शामिल उस तत्व को कहते हैं जो रोगों से लड़ने की क्षमता (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को मजबूत करती है. और आपको अधिक समय तक स्वस्थ और जवान रखती है. अदरक व काली मिर्च के दानें गले के खराच व सर्दी जुकाम के लिए बहुत फायदेमंद है.

वायरल बुखार के लिए फायदेमन्द है धनिया की चाय

धनिया के कुछ दानों को पानी में उबाल कर फिर छान कर पी सकते हैं. इसके अलावा आप लौंग, काली मिर्च, सौंफ, अदरक, तुलसी इत्यादि भी मिला सकते है, वायरल बुखार को ठीक करने में धनिया की चाय बहुत ही लाभदायक है.

वायरल बुखार के उपचार के लिए नीम्बू और शहद का उपयोग

गर्म पानी में नीम्बू और शहद मिला लें और इसे समय-समय पर पीते रहें इससे गले का खराश ठीक होता और बुखार को उतारने में भी मददगार है.

वायरल बुखार के लिए हल्दी और सोंठ पावडर का उपयोग

सोंठ का पावडर और एक चमच्च हल्दी को एक गिलास पानी में मिलाकर दस मिनट तक अच्छे से उबालें। अब इसे छान ले और इसमें शहद मिलाएं तथा थोडा-थोड़ा करके समय पर पिते रहें इससे होगा यह की वायरल बुखार उतर जायेगा और जी-मचलना, जकड़न आदि समस्याएं समाप्त हो जाएगा.

हालांकि वायरल बुखार में खाना खाने की इक्षा नहीं होती पर बीमारी से लड़ने के लिए आपका पौष्टिक भोजन लेना तो बहुत ही जरूरी है. ऐसे में उबली हुई सब्जियों का सुप पियें, चाय और कॉफी का सेवन तो बिल्कुल ही कम कर दें, अगर उल्टी और दस्त एक साथ शुरू हो जाये तब सावधान हो जाएँ क्योंकि ये फ़ूड पॉइज़निंग के लक्षण हैं.

एलेक्ट्रॉल पावडर को तत्काल मिलाकर पानी में पियें और डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें, सलाह लें, और ऊपर दिए सब बातों को ध्यान में रखते हुए सजग रहें वायरल बुखार को ज्यादा लम्बा ना चलने दें क्योंकि यह आपके शरीर को दिन ब दिन कमजोर कर देता है.

मौसम के परिवर्तन होने पर सेहत के प्रति सावधान रहें सजग रहें क्योंकि उपचार से कहीं अधिक बेहतर बिमारियों से दूर ही रहना है.

(नुस्खे के इस्तेमाल से पहले अपने डॉक्टर या वैद्य से सलाह अवश्य लें)

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आखिर में

हमे पूरी उम्मीद है कि आपको हमारा यह लेख…वायरल बुखार के लिए घरेलू उपाय [वायरल बुखार को ठीक कैसे करें?] पसंद आया होगा. कृपया करके इस लेख को अधिक से अधिक Shear करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सके. अगर लेख से संबंधित किसी प्रकार की शिकायत हो तो Comment Box के माध्यम से हमें अवश्य कहें.

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