स्वरोजगार क्या है? | What is Self Employment in hindi

इस लेख में हम स्वरोजगार से संबंधित सभी विषयों पर विस्तार से व बिल्कुल सरल शब्दों में चर्चा करेंगें, जैसे…. स्वरोजगार क्या है (what is self employments), स्वरोजगार के क्षेत्र कौन कौन से हैं, स्वरोजगार के क्या फायदे है और क्या नुकसान है इत्यादि ।

हमने अपने लेख स्वरोजगार के तरीके और फायदे में स्वरोजगार से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी दी हुई है. अगर आप स्वरोजगार क्या है, स्वरोजगार कैसे करूँ में रूचि रखते हैं तो आपको वह लेख एक बार अवश्य पढ़नी चाहिए।

स्वरोजगार क्या है? – what is self employment

सरल शब्दों में कहा जाये तो – स्वयं के लिए कार्य करना और पैसे कमाना स्वरोजगार (self employment) कहलाता है। स्वरोजगार को अनेक तरह से परिभाषित किया गया है , जैसे –

किसी दूसरे के लिए कार्य ना करते हुए अपने सोंच और ideas के माध्यम से खुद का उद्योग, धंधा, बिजनेस स्थापित करना स्वरोजगार कहलाता है। यह एक हाई रिस्क और हाई रिटर्न का खेल है, इसमें आप नौकरी की तरह फिक्स पेमेंट नहीं सोच सकते ….यह निर्भर करता की आपके ideas किस लेबल के है। इसमें आप महीने के लाखों करोणों भी कमा सकते हैं और किसी माह बिल्कुल शून्य भी। स्वरोजगार के माध्यम से आप दूसरों को रोजगार प्रदान कर सकते हैं।

कोई भी व्यक्ति पैसे कमाने और अपने जीवन-यापन के किये कार्य करता है। यह कार्य दो तरह का होता है एक होता दूसरों के लिए कार्य करना जिसे हम रोजगार कहते हैं इसके उदाहारण है -सरकारी नौकरियां, प्राइवेट नौकरियां इत्यादि किसी प्रकार के ऐसे काम जो आप दूसरों के अंदर में रहकर करते हैं। स्वरोजगार (self employment) में व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति या संस्था के अंदर में कार्य ना करते हुए अपना खुद का कार्य शुरू करता है स्वरोजगार (self employment in hindi) कहलाता है।

स्वरोजगार का अर्थ – अपने skills, अपने टेलेंट को बेचकर या सेवा देकर उसके माध्यम से पैसे कामाना है।

Self Employment in hindi

स्वरोजगार क्यों जरुरी है इसका महत्व – Why Self Employment is Important

ऊपर आपने स्वरोजगार क्या है ? को जाना अब हम स्वरोजगार के महत्व और स्वरोजगार क्यों करना चाहिए के कारणों को जानेंगे –

  • सबसे पहला कारण यह कि हमें बचपन से सिखाया जाता है कि आप क्या बनोगे…डॉकटर, इंजिनियर, पायलेट etc. जिस उम्र में हमारा मस्तिष्क विकसित नहीं हुआ है, उस उम्र में हमें दूसरों जैसा बनना सिखाया जाता है… अरे भाई हमें दूसरों जैसा क्यों बनना हर व्यक्ति का अपना एक टैलेंट होता है अगर वह उसी के प्रति कार्य करेगा तो वह जीवन भर खुश रहकर पैसे कमाएगा और अपने यूनिक आईडिया से कुछ अलग कर दिखायेगा। अगर सभी नौकरियां ही करते तो बड़े-बड़े उद्यम कैसे स्थापित होते। किसी ने इन उद्यमों के बारे में सोचा और खुद का स्वरोजगार विकसित किया जो बाद में लाखों लोगों के रोजगार का साधन बना.
  • बढ़ती जनसँख्या और नौकरियों की कमी व्यक्ति को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करती है। जनसँख्या जिस गति से बढ़ती जा रही है लोगों को रोजगार देना मुश्किल है। इसलिए सरकार भी लोगों को स्वरोजगार (self employment) करने की दिशा में कार्य कर रही है। सरकार द्वारा अनेक प्रकार के स्वरोजगार संबंधित लोन (lone) दिए जा रहे हैं जिसका ब्याज या तो बहुत कम है या बिल्कूल भी नहीं है।
  • अपने अंदर छुपी प्रतिभा को बाहर लाने व अपने skills से लोगों के जीवन में मूल्य भरने के लिए स्वरोजगार (self employment in hindi) आवश्यक है.
  • पूंजी निर्मित करने, अमीर बनने के लिए स्वरोजगार आवश्यक है। जब आप नौकरी करते हैं तब आपका इनकम फिक्स होता है, यह बीच-बीच में बढ़ता है परन्तु जितना इसका सीमा होता है उससे अधिक नहीं। वही स्वरोजगार में आप हर समय अपने व्यवसाय को बड़ा करने या उससे अधिक धन प्राप्ति के लिए कार्य करते हैं, इससे पता चलता है कि स्वरोजगार के क्षेत्र में कमाई फिक्स नहीं है। यह आपके काम पर निर्भर करता है आप इसमें किसी नौकरी से कई गुना पैसा कमा सकते हैं.
  • आप अपने टैलेंट के आधार पर वही काम करते हैं जिसमे आपको रूचि है तो आप उस काम को करने में अधिक ख़ुशी महसूस करते हैं और हमेसा ऊर्जा से भरे रहते हैं, साथ ही अपने इक्षा के अनुसार कार्य करने में सफलता के मौके बढ़ जाते हैं।
  • स्वरोजगार में पैसे कमाने की लिमिट नहीं होती इससे अधिक से अधिक पैसा कमाया जा सकता है।
  • सरकार द्वारा वित्तीय सहायता अर्थात लोन प्राप्त किया जा सकता है।

रोजगार और स्वरोजगार में अंतर – स्वरोजगार क्या है ?

रोजगार (employment)स्वरोजगार (self employment)
रोजगार में आप दूसरों के लिए कार्य करते हैं। स्वरोजगार में आप स्वयं के मालिक होते हैं।
रोजगार में रिस्क नहीं है आपका मासिक पेमेंट आता रहेगा। स्वरोजगार रिस्क से भरा हुआ है
सबसे पहले आपका idea चलेगा या नहीं इस बात का रिस्क,
फिर उसे बड़ा करने व चलाने का रिस्क।
आपका समय आपका नहीं होता आपने अपने बॉस को अपना समय दे रखा है। आप अपने समय के मालिक होते हैं, किसी प्रकार का समय का दबाव नहीं होता।
अपने दिमाग या आईडिया से कुछ नहीं कर सकते। आप-अपने हर आईडिया को ट्राई कर सकते हैं, अपने मर्जी
के मालिक होते हैं।
रोजगार से आप किसी को रोजगार प्रदान नहीं कर सकते
क्योंकि आप खुद किसी दूसरे के लिए कार्य कर रहे होते हो।
स्वरोजगार में अगर आपका काम बड़ा है, तब आप दूसरों को रोजगार प्रदान कर सकते हो।
रोजगार में आप हर पल नया नहीं कर सकते। स्वरोजगार में हर पल नया किया जा सकता है।
हर जिम्मेदारियां आपकी नहीं होती। स्वरोजगार में सभी प्रकार की जिम्मेदारियां आपको ही लेनी होती है।
क्योंकि आप स्वयं मालिक हो।
हर प्रकार के रोजगार में मासिक इनकम होता है चाहे कम हो या ज्यादा। स्वरोजगार के कई क्षेत्र में मासिक इनकम फिक्स नहीं होती।
उदाहरण के लिए आप एक फ्रीलांसर है और
एक माह से आप के पास कोई क्लाइंट ही नहीं है तब आपको पैसों की समस्या हो सकती है।
वही आपके एक माह की इनकम इतना भी हो सकता है
कि आपको 6 माह तक काम करना ना पड़े।
स्वरोजगार क्या है – रोजगार स्वरोजगार में अंतर

स्वरोजगार की चुनौतियां व नुकसान – Challenges and disadvantages of self employment

  • जैसा की ऊपर बताया गया है स्वरोजगार जोखिम से भरा हुआ है क्योंकि आप उन ideas पर काम करने वाले हैं जो आपके लिए बिल्कुल नया है। आप उस कार्य में सफल भी हो सकते हैं और असफल भी।
  • स्वरोजगार के लिए आत्मविश्वास और धैर्य का होना बहुत जरुरी है क्योंकि सुरुवात में ही आप सफल नहीं हो सकते आपको सीखना, skills डेवलप करना और ideas कार्य कैसे करती है इन चीजों को समझने में थोड़ा वक्त लगेगा।
  • स्वरोजगार में हमेसा मोटिवेट रहना पड़ता है, स्वरोजगार (self employment) उनके लिए बिल्कुल नहीं है जो हर बार सफल होने की सोचें और असफलता से डरे। एलन मस्क भी शुरुवात में हर बार असफल हुए हैं।
  • स्वरोजगार जितना जोखिम से भरा होगा सफल होने पर उतना ही फायदेमंद होगा।

FAQ

स्वरोजगार कौन कौन से हैं?

स्वरोजगार में आप जीविकोपार्जन के लिए स्वयं का कार्य करते हैं और पैसे कमाते हैं इस हिसाब से देखा जाये तो हजारों तरह के स्वरोजगार हैं जैसे – रासन दुकान, कपडे की दुकान, चाय ठेला खोलना, खुद का बस सर्विस, बच्चों को कोचिंग देना, अन्य अनेक कार्य जिनसे पैसे कमा सके और अपना जीवन चला सके स्वरोजगार है।

स्वरोजगार का अर्थ क्या होता है?

अपने और अपने परिवार का पेट पालने तथा अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वयं के द्वारा किया जाने वाला कार्य स्वरोजगार कहलाता है। स्वरोजगार में आप स्वयं मालिक होते हो और खुद का व्यवसाय स्थापित करते हो। उस व्यवसाय में सफल या असफल होना, पैसे कमाना सब स्वयं की जिम्मेदारी होती है।

स्वरोजगार कैसे करे?

स्वरोजगार करने के लिए आपके पास केवल idea होना ही काफी नहीं है, एक व्यवसाय की नीव रखने के लिए आपको पैसों की मुख्य जरुरत पड़ती है। अगर आपके पास पैसे नहीं है तब आप सरकार द्वारा lone प्राप्त करके स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं।

रोजगार और स्वरोजगार में क्या अंतर है?

रोजगार में आप दूसरों के लिए कार्य करते हैं और बदले में अपने जीवन-यापन के लिए धन प्राप्त करते हैं। परन्तु स्वरोजगार में आप खुद का कार्य प्रारम्भ करते हैं और इससे पैसे कमाते हैं।

स्वरोजगार का महत्व क्या है?

स्वरोजगार बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि आप स्वरोजगार के माध्यम से लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध कराते हैं, इसके अलावा स्वरोजगार से नए-नए ideas और अविष्कार का जन्म होता है। किसी देश की आर्थिक व्यवस्था में मजबूती लाने, सहयोग प्रदान करने तथा गरीबी कम करने के लिए स्वरोजगार महत्वपूर्ण साधन है।

Self Employment Meaning in hindi

स्वरोजगार, स्वयं का काम जिससे जीविकोपार्जन होता है.

स्वरोजगार के हजारों क्षेत्र है जिनमे से कुछ को हमने इस लेख में बताया हुआ है यह लेख अवश्य पढ़ें – स्वरोजगार के तरीके

निष्कर्ष

स्वरोजगार क्या है लेख के माध्यम से हमने यह बताने की कोशिस की है कि अगर आपके पास कुछ नया करने, खुद का बिजनेश व्यवसाय स्थापित करने का idea है तो उसपर काम अवश्य करें।

असफलता से बिल्कुल ना डरे क्योंकि असफलता अच्छी चीज है जो हमें सिखाती है की क्या सुधार करें। क्या पता आपके एक सोच से कई लोगों की जिंदगी में परिवर्तन आ जाये इसलिए अगर आपने अच्छा सोचा है तो उस पर जल्द काम करें समय मत गवाएं। बाद में पछताना उचित नहीं होगा इसलिए कुछ कर के पछताना बेहतर है।

आखिए मे

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