मन को एकाग्र कैसे करे best tips | जानें मानसिक एकाग्रता कैसे प्राप्त करें ?

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man ko ekagra kaise kare

आप बहुत योग्य है, समझदार, जानकार है, बहुत सोच-विचार कर काम करते हैं फिर भी आपके काम पुरे नहीं होते।।। तो इसका क्या कारण है – उत्तर है एकाग्रता की कमी।

तो बस एकाग्र बनिए, अपने मन को नियंत्रित कीजिये (मन को एकाग्र कीजिये) और अपने लक्ष्य से विचलित मत होइए, समस्यांए जीवन में आती है, परन्तु मन को एकाग्र रखने से चली भी जाती हैं। बाधाएं आएगी और जरूर चली जायेगी इस बात का अपने आप पर भरोषा रखिये और अपना आत्मविश्वास बढ़ाइए। 

विषय-सूची

मन को एकाग्र करने के लिए इन उपायों को अपनाएं

1. एक समय में एक ही काम करें multitasking ना करें?

जिंदगी की भाग-दौड़ कुछ एसी बढ़ गयी है की प्रत्येक व्यक्ति के पास समय बिल्कूल भी नहीं है, एसे में एक कार्य करते-करते दूसरा कार्य भी प्रारम्भ कर देना व्यक्ति की आदत सी हो गयी है, और यह एक रूटीन भी बन गया है। 

खाना खाते-खाते फोन पर बात करना, कार्टून देखते-देखते बच्चो को होम वर्क कराना आपकी दिनचर्या में शामिल हो गयी है, और इसका परिणाम यह हुआ की न तो खाने में स्वाद बचा और न ही अध्ययन से ज्ञान मिला। 

कहने को तो एक समय में अनेक कार्य करना (multitasking) आधुनिक जीवन का एक कौशल बन गया है, पर उस कुशलता को सिखने के चक्कर में आपने अपनी एकाग्रता, जिससे मनोबल का जन्म होता है इसकी बलि चढ़ा दी है.

इस वजह से आप काम तो शुरू करते है पर उसे पूरा नहीं कर पाते, जहा समस्या ज्यादा होती है आप एक काम को छोड़ दूसरा काम हाँथ में ले लेते है। इसके परिणाम स्वरुप स्थिति एसी हो जाती है की आपके प्रयास के बावजूद भी सफलता आपसे दूर भागती है। 

* एक छोटी सी कहानी के माध्यम से इसे समझते हैं की मन को एकाग्रता कितनी आवश्यक है?

एक बार गौतम बुद्ध किसी गांव से गुजर रहे थे, उस गांव में पानी की समस्या थी। रास्ते में बुद्ध ने देखा की कई गढ़े खोदे गए है कोई आठ फुट गहरा तो कोई बारह फुट गहरा था। बुद्ध ने जिज्ञासा वस पूछा की रास्ते भर इतना गढ़ा क्यों खोदा गया है.

गांव वासियो ने बोला की यह गढ़ा नहीं कुआ है, एक जगह से जब पानी नहीं निकला तो दूसरे जगह गढ़ा किया गया है, पर पानी निकला ही नहीं इस चक्कर में बहुत सरे गढ़े खोद दिए गए, दस फीट गहराई के निचे पत्थर आता और हम लोग खोदना बंद कर देते, 

तो अगर इसके विपरीत अनेको गढ़ा न खोदकर एक ही गढ़ा खोदा जाता, पत्थर को भी काट-काट कर गढ़ा कम से कम 40 से 50 फ़ीट खोदा जाता तो आज एक हु कुँवा पानी से लबा-लब भरा होता। 

2. अपना लक्ष्य बनाये और किसी भी परिस्थिति में उसे पूरा करें

ऊपर बताये गए कहानी की तरह सेम हाल हमारे जिंदगी का भी हो गया है, आधा-अधूरा कार्य करने के बाद हम मुश्किल देख उस काम को छोड़ देते है और फिर किसी दूसरे काम में लग जाते हैं जो हमारे मानसिक परेशानी का कारण बनता है.

अगर आपने कोई कार्य करने को ठाना है तो उसे किसी भी हाल में पूरा अवश्य करें चाहे लाख मुश्किलें क्यों ना आये। असल में कोई मुश्किल या नामुमकिन नहीं होता यह सब मन का खेल है.

मन बहुत चंचल और आलसी है हमेसा कठिनाइयों से भागना, और आराम खोजता है हमेसा comfort zone में रहना चाहता है। इसलिए अपने life में लक्ष्य जरूर बनाये और उसे पाने के लिए काम करें। 

3. सभी समस्यांए मेरे पास ही क्यों आती है?

मान लीजिये आपके सामने कोई बाधा आ गई तो आपके मन में कई विचार उठते है –

  • यह कार्य मुझसे नहीं हो पायेगा इसे छोड़ दिया जाए?
  • दूसरी तरफ मन कहता है कि इस समस्या से भिड़ा जाए और काम खत्म करके सुकून की सांस ली जाए?
  • वही तीसरी तरफ मन सोचता है कि ये सारे समस्याए, बढ़ाएं मेरे पास ही क्यों आता है?

इस प्रकार विचारो में आपसी विरोध होता ही रहता है जिसके कारण मन एकाग्र नहीं हो पाता इसलिए मन को आपको उस दिशा में मोड़ना है, जिस दिशा में आपका लक्ष्य है। नहीं तो बाधाओं से आगे आप निकल नहीं पाओगे। 

मन के सम्बन्ध में आपने कबीर दास जी का यह दोहा तो सुना ही होगा –

“मन के मते न चलिए, मन के मते अनेक 

जो मन पर असवार है, सौ साधु कोई एक”

मन के मत में चलना सफलता के लिए हानिकारक है, क्योकि मन में हजारो मत है। मन को नियंत्रण में रखना आवश्यक है, जिसने भी मन को साध लिया (मन को एकाग्र कर लिया), उसने सफलता प्राप्त कर लिया। 

मन का सीधा सम्बन्ध आपके विचार से है जैसे आप कोई कार्य कर रहे है, तो मन में विचार आएगा की कोई दूसरा काम तो अधूरा नहीं रह गया क्यों ना लगे हाँथ उसे भी पूरा कर लिया जाये, परन्तु ऐसा करने से न सिर्फ मानसिक अशांति होगी बल्कि आपके दोनों काम भी पुरे नहीं हो पाएंगे । इससे आपकी तनाव बढ़ेगी, याददास्त कमजोर होगा, और काम में अनेक गलतिया होंगी तथा मन एकाग्र नहीं रहेगा। 

मन को एकाग्र कैसे करे – Man Ko Ekagra Kaise Kare tips

जब मन चंचल होता है तब विचार अस्थिर होते है, मन के भटकाव को रोकने के लिए ध्यान को केंद्रित करना सीखना आना चाहिए इसके लिए निम्न उपाय करे –

1. मन को एकाग्र करने के लिए – जीवन में समय सारणी बनाये रखें

आज के इस व्यस्त समय में हमारा खान-पान, रहन-सहन, सोने-उठने का time table बिल्कुल ही बिगड़ चूका है और मानसिक तनाव का यह सबसे बड़ा कारण है.

पहले के समय में लोगों का सोने उठने का एक निश्चित समय होता था वे सवेरे जल्दी उठा करते थे इसलिए उनके मन मस्तिष्क हमेशा फ्रेश रहा करते थे, परन्तु आज के समय में हम देर रात तक जागते है.

सवेरे लेट में उठते हैं और खाने का भी सहीं समय निर्धारित नहीं रखते, आज कम से कम एक हफ्ते तक नियमित सहीं ढंग से time table बनाकर उसका पालन करें फिर आप पाएंगे की आपके जीवन में बहुत बदलाव आया है। 

2. मन की एकाग्रता के लिए – सफलता व सफल लोगों की किताबे पढ़ें

किताबे हमारे जीवन में बहुत मायने रखती हैं एक किताब आपके विचारों में किस प्रकार परिवर्तन ला सकता है यह मै अच्छी तरह जनता हूँ इसलिए सलाह दूंगा कि आप सफल लोगों की जीवनी व प्रेरात्मक किताबे पढ़ें और अपने मन को अच्छे चीजों में व्यस्त रखें

इससे आपमें गजब का बदलाव आएगा। जीवन में हमेसा सकारात्म बने रहना संभव नहीं है क्योंकि life में कई उतार चढ़ाव आते हैं परन्तु सफल और महात्मा लोगों की जीवनी पढ़कर या उनकी द्वारा लिखी गयी ज्ञानवर्धक किताबों के माध्यम से आप अपनी समस्याओं का हल ढूंढ सकते हैं।

3. मन की एकाग्रता के लिए अच्छे जगह व माहौल में रहें ?

आप किस तरह के माहौल में रहते हैं यह आपके मानशिकता पर बहुत ज्यादा प्रभाव डालता है। आप घर में एक साफ़ सुथरे माहौल में रहना पसंद करेंगे तो आपका दिमाग भी साफ सुथरा रहेगा आप के आस-पास के लोग किस प्रकार के हैं यह सब भी मेटर करता है, इसलिए साफ़ सुथरे माहौल में रहें, अच्छे लोगों से दोस्ती करे और अपने विचारों में शुद्धता लाएं।

4. आपकी संगती व दोस्ती यारी कैसे लोगों से हैं

जिस तरह आप जैसे वातावरण में रहना पसंद करते हैं वैसी हो जाते हैं ठीक उसी प्रकार आप के दोस्तों का आदत व्यवहार जिस प्रकार का है आप वैसे ही बनते हैं,

इसलिए आपको चाहिए की आप अच्छे लोगों की संगती करें जिनकी सोच पॉजिटिव हो और वे अपने काम के प्रति ईमानदार हों, देखिये अनेक बुरे दोस्तों से अच्छा है एक भला दोस्त बनाया जाये, इससे आपके सफलता के रास्ते आसान हो जाते हैं। 

5. एकाग्र मन के लिए अपने विचारों को संयमित रखें

मन का काम ही है इधर-उधर भटकना परन्तु ऐसा नहीं है कि इसपे काबू नहीं पाया जा सकता अगर ठान लिया जाए तो कुछ भी असंभव नहीं है, सुरुवात में मुस्किले आएँगी परन्तु आपने अगर मन को अपने बस में कर लिया तब आप कुछ भी कर सकते हैं और सफल हो सकते हैं। 

6. संगीत में है मानसिक एकाग्रता प्रदान करने की शक्ति

संगीत की ताकत को तो आप जानते ही होंगे किसी भी स्थिति में संगीत मन बांधकर रखने में सक्षम है। इसलिए आप अच्छे से अच्छे संगीतों का कलेक्सन अपने पास रखें और निराशा व मन भटकाव के स्थिति में इसे जरूर सुनें।

वैज्ञानिकों द्वारा सिद्ध किया जा चूका है कि संगीतों का किसी भी जीव पर विशेष प्रभाव पड़ता है, इस संबंध में एक एक रिसर्च थी – एक बाग़ में परीक्षण के उद्देश्य से 2 फूल के पौधे लगाए गए दोनों पौधों को सुरुवात से ही रोजाना ध्वनियाँ सुनाई जाती।

फर्क इतना था एक को मधुर ध्वनियाँ सुनाई जाती तो एक को कठोर ध्वनियाँ, जब पौधे थोड़े बड़े हुए तब उनमे फूल लगने शुरू हुए, जिस पौधे को मधुर संगीत सुनाई गयी थी उसमे लगने वाले फूल सुनहरे और आकर्षक थे.

परन्तु जिस पौधे को कठोर ध्वनि सुनाई गयी थी उसका फूल मुरझाया हुआ और आकर्षक रहित था। इस प्रकार समझा जा सकता है की संगीत की शक्ति सभी के ऊपर अपना असर डालती है इसलिए अच्छे पॉजिटिव और प्रेरणा दायक संगीत सुने।

7. मन की एकाग्रता का मूल मन्त्र – हमेशा खुश रहें

आप हमेसा खुस रहें यह सबसे बड़ी ताकत है निगेटिविटी को दूर रखने का अगर मुश्किलें आती भी है तो वे आपके हतास या निराश होने से नहीं चली जाएगी इसलिए खुश रहें इससे मुश्किलें आसान जरूर हो जाएगी।

एक समय आएगा जब आप सोचेंगे की अरे यार मै उस चीज के लिए परेशान था, वह समस्या तो आई और चली गयी परन्तु परेशान होकर फालतू में मैने अपने स्वास्थ्य को बिगाड़ डाला, इसलिए हमेसा खुश रहें।

8. मन की एकाग्रता के लिए नशा सेवन से दूर रहें ?

मन की एकाग्रता में सबसे ज्यादा कोई भटकाव लाता है तो वह है नशा सेवन, इसलिए जितना हो सके नशा सेवन से दूर रहें यह आपके मानसिक एकाग्रता और सफलता दोनों के लिए बेहद जरुरी है. 

नशे में व्यक्ति खुद की हित को नहीं समझ पाता, ये नशा चीज ही ऐसी है जो दिमाग को सुकून दिलाने की फिलिंग कराता है और जब इसकी आदत लग जाती है तब इसके बुरे परिणामों का पता चलता है, दोस्तों मेरा निवेदन है

आप नशे को अपना लत बनने ना दें -हाँ किसी मौके पर अचानक किसी कारणवश कर लिया वह अलग बात है। परन्तु इतना याद रखें नशा से केवल नाश ही होता है।

9. हमेशा मन को शांत और सोच को सकारात्मक रखें

शान्त मन और पॉजिटिव सोच हमारे ध्यान को कहीं और भटकने नहीं देता अपने विचारों में संयम रखने के लिए यह लाभदायक है। पॉजिटिव सोच व्यक्ति को हर मुश्किल से निकलने के लिए मददगार है। 

10. मन की एकाग्रता के लिए योगासन करें – Do yoga for concentration of mind in hindi

सबसे जरुरी और अहम् बात यह की आप हमेशा योगासन यह आपको शारीरिक और मानशिक दोनो तरह से मजबूत बनाता है। नीचे कुछ ऐसे योगासन दिए गए हैं जिनसे आप मन को एकाग्र कर सकते हैं –

  • त्राटक – त्राटक का अर्थ है की किसी भी वस्तु को एकटक बिना पलक झपकाए देखना, आमतौर पर त्राटक की क्रिया में मोमबत्ती के लौ का प्रयोग किया जाता है, जब आप दीपक की लौ को बिना पलक झपकाए देखते है, तब आपका मन एकाग्र हो जाता है, इससे आप की इक्षाशक्ति से साथ-साथ आँखों की रौशनी भी तेज होती है।
  • प्राणायाम – मन की अनावस्यक भाग दौड़ को रोकने के लिए प्राणायाम करे, मन का भटकाव आपकी चेतना शक्ति को प्रभावित करता है। अनुलोम-विलोम और कपालभाती प्राणायाम द्धारा मन को स्थिर करे। 
  • स्वास पर ध्यान केंद्रित करे – जब आपका मन, उत्तेजित होता है, उस क्षण आपकी स्वास दर बढ़ जाती है, तब अपनी स्वास पर ध्यान दे, आप जितनी तेज़ गति से स्वास लेंगे उतनी तेज़ गति से आपके मन का विचार भी भगेगा, तो आराम से रहिये और सोच को अच्छा रखिये।

आखिर में

आशा करतें है की आपको हमारा यह लेख मन को एकाग्र कैसे करे? ( Know how to concentrate your mind in hindi) पसन्द आये, और आपके काम आये,

अगर जानकारी अच्छी लगी हो तो शेयर जरूर करें और हमारे फेसबुक पेज को अवश्य लाइक करें। अगर कोई सुझाव हो तो कॉमेंट जरूर करे- धन्यवाद,

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