दिल टूटने पर अपने आप को कैसे सम्हालें | कैसे खुद को सकारात्मक Positive रखें

दिल टूटने पर अपने आप को कैसे सम्हालें
power of positivity

दोस्तों बताने बैठू तो लगता है पूरी जिंदगी कम पड़ जायेगी अपनी पुरानी जिंदगी की दास्तान सुंनाने में, कितनी उतार चढ़ाव नजर आती है ये जिंदगी अगर पीछे मूड के देखा जाए तो। और ये हाल सिर्फ मेरा ही नहीं है ये हाल तो अनेकों लोगों का है शायद आपका भी हो । मुझे उतना तो पता नहीं है परन्तु यह कह सकता हूँ की life में एक ऐसा मोड़ आता है जिसमे जीने की इक्षा खत्म सी हो जाती है। 

सारी दुनिया साथ होते हुए भी वीरान सी लगने लगती है। पता नहीं आप किस तरह के दर्द से गुजर रहे हों क्योंकि सबकी जिंदगी की दर्द अलग-अलग होती है। और जब ऐसी स्थिति होती है तो भले ही लोग कहें कि मै आपका दर्द समझ सकता हूँ परन्तु सच कहूं तो उस दर्द तो वही समझ सकता है जो व्यक्ति उस दर्द सह रहा होता है। मेरा भी यही हाल कुछ सालों पहले था और शायद आज भी है पर वक्त के साथ मैने जीना सीख लिया, और आप भी यह कर सकते हैं ।

ये मै इसलिए बोल रहा हूँ क्योंकि आप शायद यकीन ना करें पर मैने खुद अपनी जिंदगी कई बार ख़त्म करनी चाही परन्तु कर नहीं पाया। शायद माँ बाप की जुमेदरियों रोक लिया या दोस्तों के साथ ने या फिर उस के भरोसे ने – जो मेरी होकर भी life time के लिए मेरी नहीं हो पायी (हाँ बेसक वो आज भी मेरे साथ है और हमेसा रहेगी, क्योंकि बेवफा ना वो थी ना मैं था, बेवफा तो हमारी किस्मत और वक्त थी)

कहने को तो 3 साल एक माह और सात दिन बीत गए पर लगता है जैसे कल ही की तो बात जब वह साथ थी।

मैने किस तरह के दिन देखे, कैसे करके अपने एक-एक पल सालों जैसे बिताये । किस तरह मै अपनी दुनिया उजड़ने के बाद भी आज उसके यादों के सहारे ठीक हूँ यह मेरा दिल ही जानता है इसलिए तो कहता हूँ, आप भी सम्हल सकते हैं। 

कहने को तो बात बस इतनी है कि आपकी दिल की हाल आप खुद समझ सकते हैं दूसरा कोई नहीं । परन्तु इस टूटे दिल और उजड़े हुए दुनिया के सहारे आप आगे बढे बस यही कहना चाहूंगा। मुझे नहीं पता कि आप किस दर्द से गुजर रहे हैं परन्तु इतना हौसला आपको जरूर दे सकता हूँ इस लेख के माध्यम से कि आपको थोड़ी राहत मिल जाये।