सपनों का रहस्य और इसका महत्व | secret of dream in hindi

सपनों का रहस्य (dream in hindi) : कहा जाता है की सपनों के बारे में पिछले पांच हजार साल से लगातार शोध चल रहा है। परन्तु अभी भी यह उलझन सुलझ नहीं पाया कि क्या वास्तविक जीवन स्वप्नों का में कोई महत्व है।

अगर सपनों का महत्व है भी तो सपनों का रहस्य क्या है ? (what is the secret of dream in hindi) सपनों के रहस्य पर सबकी अपनी अपनी राय है।

कुछ इसे सिर्फ मन का वहम मानते हैं और कुछ इसे भविष्य का रास्ता दिखाने वाला आइना या हमारे जीवन का मार्गदर्शक के रूप में मानते हैं…..परन्तु स्वप्न (dream in hindi) की सच्चाई क्या है ? 

(सपनों के विषय में अगर आपकी कोई राय हो तो आप हमें अवश्य बताएं – हम उसे अपने लेख में प्रकाशित करेंगें .

वैज्ञानिकों के आधार पर सपनों का रहस्य – The mystery of dream in hindi)

वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का मानना है… हमारे मस्तिष्क के आस-पास चौबीस करोंड रक्त नालियों और शिराओं की एक मोटी पट्टी बनी होती है। जिसमे हमारे चेतन और अचेतक दृश्य एकत्रित रहती है और जब समय आता है तो यही दृश्य हमे स्वप्न के रूप में दिखाई देते हैं। 

रुसी वैज्ञानिकों के आधार पर सपनों का रहस्य

रुसी वैज्ञानिकों के आधार पर स्वप्न आना को साधारण नहीं माना जा सकता। बल्कि इसके पीछे कुछ सचाई या कुछ मकसद होता है, हालाँकि यह बात अलग है की हम स्वप्न के अर्थों को समझ नहीं पाते। 

और दूसरी बात यह है की स्वप्न (सपनें) कुछ ही समय के लिए आते हैं, इसलिए सुबह-सुबह हमें याद नहीं रहते। रुसी वैज्ञानिकों के आधार पर एक स्वस्थ व्यक्ति रात में सोते समय 5 से 7 स्वप्न जरूर देखता है। 

अमेरिका के वैज्ञानिकों के आधार पर सपनों का रहस्य

अमेरिका के स्वप्न (dream) विशेषज्ञ जार्ज हीच की पुस्तक “ड्रीम dream” में सबूतों के साथ यह बताया गया है। व्यक्ति सपनों के द्वारा ही अपने जीवन को पूरा कर पाता है। हमारे जीवन में जितनी भी परेशानियां और उलझने हैं, उन सभी का जवाब स्वप्न (dream in hindi) के पास है।

साथ ही ये भी कहा गया है कि प्रकृति ने मानव शरीर को इस प्रकार बनाया है। जहाँ मानव के जीवन में किसी भी प्रकार की परेशानी या दुविधा हो…उन सभी समस्याओं का हल प्रकृति सपनों के माध्यम से दे देती है। 

हमारे शरीर के अंदर 2 प्रकार की स्थितियां है –

  • चेतन मन
  • अचेतन मन 

चेतन मन बाहरी परिवेश जो भी हम देखते है उन्हें संग्रहित करके रखता है। 

और अचेतन मन या आंतरिक मन हमारे पूर्व जन्म से सम्बंधित रहता है। जैसे- पिछले जन्म की घटनाओं आदि को अचेतन मन जमा करके रखता है और यही स्वप्न (सपनों) का कारण होता है। 

सपनों का रहस्य एक वैज्ञानिक प्रक्रिया

मानव जीवन में जो भी घटनाएं घटित होती है सभी का कोई ना कोई अर्थ जरूर होता है। एक समझदार व्यक्ति ही इन सब बातों का अर्थ समझ सकता है और इसका लाभ उठाता है।

ना कि सपने को बेकार समझ कर छोड़ देता है। सपने पर समझदारी दिखाते हुए सफलता प्राप्त किया जा सकता है क्योंकि चेतन मन के हिसाब से हम कार्य करते ही है। और जहां अचेतन मन से भी कार्य करना अर्थात सपनो के माध्यम से अपना कार्य करना प्रारम्भ कर दें तब सफलता निश्चित है।

एक तरह से देखा जाये तो dream in hindi (सपना) मनुष्य के जीवन में अनेक बदलाव का कारण है। सपनों के माध्यम से वैज्ञानिकों ने अपने अनेक शोधों पर सफलता पाई है।

फ़्रांस के दार्शनिक डी मारगिस जब अपने कार्य कर रहें होते थे तो उनकी एक आदत थी की अगर गणित या विज्ञान का कोई सवाल उनसे हल ना होता था तो वे काम करते करते ही सो जाया करते थे और सपनें (स्वप्न) में उन्हें अपने प्रश्नो का हल मिल जाया करता था। 

देखा जाये तो वास्तव में dream (सपना) अपने आप में एक अलग विज्ञान है, हालाँकि कभी-कभी हम इसे स्पष्ट रूप से नहीं समझ पाते परन्तु हमें स्वप्न (dream) के रहस्य को समझना चाहिए या सपनों के रहस्य को जानने के लिए स्वप्न विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

क्योंकि अनेक प्रकार की समस्याओं का समाधान स्वप्न में छिपा होता है यही dream in hindi की सच्चाई है.

वैज्ञानिक के जीवन में सपनों का महत्व

जर्मनी के खोजकर्ता फेडरिक कैफ्यूल अणुओं की संरचना सम्बंधित खोज कर रहे थे वे अणुओं को एक सीधी पट्टी पर प्रवाहित करके अपनी खोज को पूरा करने में लगे थे परन्तु उन्हें ऐसा करते हुए 2 माह से भी अधिक का समय हो गया था और उन्हें अब तक सफलता नहीं मिली थी। 

अपने प्रयोशाला में कार्य करते करते एक दिन उनकी आँख लग गयी और वे सो गए सोते हुए उन्होंने सपने (स्वप्न) में देखा की एक सांप गोल-गोल घूम रहा है और अपने ही पूछ को निगल रहा है फिर अचानक ही वह साप एक सोने की अंगूठी के रूप में बदल गया। 

फेडरिक कैफ्यूल का आँख तुरंत ही खुल गया और उन्हें अपने सवालों का जवाब भी मिल गया वे समझ चुके की अणुओं को सीधी पट्टी पर प्रवाहित करके अपने खोज में सफलता नहीं पाया जा सकता

बल्कि उसे अंगूठी की आकर में गोल प्रवाहित करके सफलता पायी जा सकती है। और ऐसा हुआ भी, अपनी इस खोज के कारण उन्हें नोबल प्राइज भी मिला। 

नोट : स्वप्नों (सपनों) में किसी भी समस्या का समाधान सीधे तौर पर नहीं मिलता बल्कि इसे समझना होता है, सपनों को अच्छे से समझ कर ही उसकी गहराई का पता लगाया जा सकता है। 

सपनों के कुछ अजीब रहस्य?

1. सपनों के माध्यम से बना सिलाई मशीन

इलिहास होव जो की एक सिलाई मशीन के अविष्कारक हैं, उस समय अपनी सिलाई मशीन बनाने के कार्य में व्यस्त थे परन्तु लगभग 2 साल बीत चुके थे इलिहास होव के हांथों अब तक सफलता नहीं लगी थी वे साइड से धागा डालते परन्तु इससे सिलाई हो ही नहीं रही थी। 

एक दिन काम करते करते परेशान होकर इलिहास होव वही सो गए, और उन्होंने सपने (स्वप्न) में देखा की एक दानव आया और इलिहास होव को एक पेड़ पे बांध दिया, उस दानव ने अपने साथियों को आज्ञा दी की इसके सिर के बीचों बीच भाला घोपा जाये और ऐसा ही किया गया। 

फिर अचानक इलिहास होव की आँख खुल गयी, वे पूरी तरह से घबराये हुए थे और डर के कारण उनके शरीर से पसीना छूट रहा था, वे पूरी तरह पसीने में भीग गए

परन्तु इस सपने से उन्हें यह idea मिला की सुई के साइड में धागा डालने के बजाय बीच में छेद किया जाये और धागा पिरोया जाय और सुबह होने पर उन्होंने ऐसा ही किया, परीक्षण सफल रही और इलिहास होव को उनकी समस्या का समाधान मिल गया।  

2. अमेरिका के वैज्ञानिक की सपनों के रहस्य पर कहानी

परामनोवैज्ञानिक मि. डब्ल्यू लोहवी नाड़ी के संवेगों के अध्ययन में लगे थे परन्तु उन्हें अपनी समस्या का हल नहीं मिल रहा था। 

एक रात उन्हें सपना आया की कोई उनके शरीर को भालों से भेद रहा है जब सुबह उनकी आँख खुली तो उन्होंने इस सपने पर विचार किया और उन्हें अपनी समस्या का समाधान मिल गया की संवेगों का प्रवाह बराबर वर्तुल दबाव के वजह से ही सम्भव है

और उन्होंने इसी पद्धति को अपनाकर काम को आगे बढ़ाया और उन्हें इसमें सफलता मिली व आगे चलकर उन्हें इस कार्य के लिए नोबल प्राइज़ प्राप्त हुआ। 

सपनों का रहस्य लड़की बनी सन्यासी

मि. डोरोथी जो अमेरिका की रहने वाली थी उन्हें एक स्वप्न बार-बार आता था की वे भगवे कपडे पहन रखें है और वह पहाड़ों पर चढ़ रही है, और बर्फ के ऊपर आसानी से चल रही थी, और पहाड़ के नीचे हजारों लोग बाहें फैलाये उसकी जय-जयकार कर रहे हैं। 

मि. डोरोथी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था, उसने स्वप्न में देखा की वह बहुत ऊँचे पहाड़ पे चल रही है, और उसके साथ एक अत्यंत भव्य तेजस्वी सन्यासी भी भगवे कपडे पहने हुए पथप्रदर्शन करता हुआ चल रहा है और तभी उसकी आँख खुल गई। 

इतनी अमीरी सभी प्रकार की सुखों और चकाचौंध में रहने वाली करोङपति बाप की बेटी के लिए इस तरह का स्वप्न किसी अजूबा से कम नहीं था। वह समझ नहीं पा रही थी कि आखिर इस प्रकार के स्वप्न का मतलब क्या है। परन्तु यह सपना लगातार आता ही रहा। 

फिर मि. डोरोथी ने भारत का टिकट कटाया और दिल्ली पहुंच गयी, भारत पहुंच कर उन्होंने 6 महीने तक लगातार भारत के महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों की यात्रा की, परन्तु उन्हें उस सन्यासी के दर्शन कही भी नहीं हुई,

जो लगातार सपनो (स्वप्न) में आता था।  उनकी खोज लगातार चलती रही, इसी बीच सन 1883 अप्रैल के महीने में किसी के कहने पर मी. डोरोथी ने साधना शिविर में भाग लिया। 

उस साधना शिविर में जाने के बाद डोरोथी ने देखा की वह सन्यासी जो बार-बार उसके सपनों में आ रहा था, वह तो सामने में ही खड़ा है। पूरी तरह से सन्यासी उसके सपनो के जैसा ही था वही चेहरा, वही आँख सब चीज़ें हुबहु थी,

ऐसा लग रहा था मानों कई सालों से वह सन्यासी को जानती है और सन्यासी को देखते ही उसकी चरणों में गिर गयी। 

बाद में डोरोथी ने उस सन्यासी के साथ हिमालय के विभिन्न स्थानों की यात्रा की उसे ऐसा लगा की ये सभी स्थानों को वह पहले ही देख चुकी है वह सन्यासी के आगे-आगे चलती और स्वयं बता देती की आगे चलकर यह गुफा है या आगे का रास्ता इधर से है करके,

और यह सब सच भी हो रहा था, उसने जो सपने में पहले ही देख रहा था वही-वही चीज़ें उसे रास्ते में मिल रही थी। 

आज के समय में मि. डोरोथी एक सेवाभावी हुए श्रेष्ट साधिका है और उन्हें दिन दुखियों की सेवा के लिए मैग्सेसे पुरस्कार भी प्रदान किया जा चूका है और साथ ही सन 1988 में नोबल प्राइस के लिए भी उनका नाम प्रस्तावित किया जा चूका है।

जरा सोचिये अगर वह स्वप्न के रहस्य को ना समझ पाती तो उसकी जिंदगी कुछ और होती वो पति और बच्चों में सिमट कर रह जाती तथा सेवा भाव के कार्य से लाखों लोगों का दुःख दूर नहीं कर रही होती। 

सपनों और उसके रहस्य (dream in hindi) के वजह से जीवन में परिवर्तन और उपलब्धियां

स्वपन से लेखक को उपलब्धियां?

स्वप्न कई लोगों के जीवन में अनेक उपलब्धियां प्राप्ति का कारण भी बना है, वैज्ञानिकों के सांथ-सांथ लेखकों को भी स्वप्न एक मार्ग दिया है, स्काटलेण्ड के प्रसिद्ध लेखक एल. स्टीवेन्शन ने अपने प्रसिद्ध उपन्यास “डिवाइन” को सपनों के आधार पर ही लिखा है।

वे सपनों में जो चीज़ें देखते थे उन्हें सुबह कागज पर उतार दिया करते थे, इस उपन्यास को 7 से भी ज्यादा पुरुस्कार प्राप्त हुआ है और यह best seller उपन्यास भी बना है। 

संगीत के क्षेत्र में स्वप्न का महत्व

इसी प्रकार अनेक संगीतकारों को भी नई-नई धुन सपनों (स्वप्नों) के माध्यम से मिला है। संगीतकार मोजार्ट ने जो अपनी “बिथोवन” नाम की धुन बनाई थी उसे स्वप्न के माध्यम से ही प्राप्त किया गया था। 

स्वप्न के माध्यम से लॉटरी की प्राप्ति

इटली के टाटरिनों को सपने के द्वारा लॉटरी का नम्बर प्राप्त हुआ था और वह एक ही झटके में करोङपति बन गया। 

इस तरह सच में स्वप्न एक विज्ञान है, जिसे अच्छे तरीके से समझने की आवश्यकता है ताकि अपने परेशानियों का हल निकाला जा सके, अनेक देशों में सपनों पर इतनी सारी किताबें लिखी जा चुकी है की

इन्हे एक जगह एकत्रित किया जाये तो एक बड़ा सा लाइब्रेरी बन जाये, हमारे भारत में भी सपनों (स्वप्न) पर आधारित कुछ किताब लिखे गए हैं। 

अंतिम शब्द 

आशा है की आपको हमारा यह लेख…. क्या है सपनों की सच्चाई, हमारे दैनिक जीवन में सपनो का महत्व, सपनों का रहस्य (What is the reality of dreams Importance of dreams in our daily life. Secret of dream in hindi) पसंद आये,

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