व्यावहारिक कौशल, व्यावहारिक ज्ञान क्या है? (जबरजस्त जानकारी)

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vyavaharik gyan kya hai

Vyavaharik kaushal Gyan Kya Hai : व्यावहारिक ज्ञान ऐसा ज्ञान है जो मनुष्य के विकास और व्यक्तित्व को प्रदर्शित करता है. इस ज्ञान की शुरुवात हमारे बचपन से ही हो जाती है. जब हम अपने माता-पिता, घर-परिवार, रिश्तेदार, दोस्त इत्यादि से सीखते हैं और अपना स्वाभाव विकसित करते हैं.

इस लेख के माध्यम से आप जीवन के लिए महत्वपूर्ण विषय व्यावहारिक ज्ञान व व्यावहारिक कौशल क्या है को जानेंगे, तथा किस प्रकार व्यावहारिक ज्ञान, व्यावहारिक कौशल हमारे दैनिक जीवन के लिए उपयोगी है.

जीवन में व्यावहारिक कौशल की जानकारी इतनी आवश्यक क्यों है. (Vyavaharik Gyan Kya Hai.) जानने के लिए लेख पूरा पढ़ें –

व्यावहारिक कौशल या व्यावहारिक ज्ञान क्या है?

व्यावहार वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से व्यक्ति के गुणों व अवगुणों का पता चलता है. व्यावहारिक कौशल सामाजिक परिवेश में सम्बन्ध बनाने, समाज में घुल-मिल कर रहने की काबिलियत को कहा जाता है.

व्यावहारिक कौशल में प्रवृति (Attitude) की अहम भूमिका होती है. या यू कहें कि किसी व्यक्ति के व्यावहारिक कौशल को उसके आदत या प्रवृति से समझ सकते हैं.

इसलिए व्यावहारिक कौशल (Behavioural skills) को समझने से पहले प्रवृति (attitude) को अच्छे से समझना बहुत जरूरी है. तो चलिए पहले प्रवृति (attitude) को समझते है.

प्रवृति आदत (रवैया) क्या है – what is attitude in hindi

प्रवृति (रवैया) – किसी व्यक्ति के भूतकाल व भविष्यकाल के आधार पर बनती है. प्रवृति वास्तव में किसी व्यक्ति के जीवन में घटित घटनाओं, जगहों, वातावरण आदि का प्रभाव होता है.

बचपन से व्यक्ति का जिस जगह पर रहकर विकास होता है। जिस तरह के लोग उसके वातावरण में रहते हैं, जैसे उसके दोस्त, पडोसी, रिश्तेदार, उसका पारिवारिक माहौल कैसा है.

इन सब बातों से उसके जीवन शैली पर प्रभाव पड़ता है. और उसी हिसाब से उसका मानशिक विकास होता है, जो उसके प्रवृति (आदत) पर नजर आता है। सामान्य शब्दों में कहा जाये तो प्रवृति को किसी व्यक्ति के भाव (mode) व मानशिकता के रूप में समझ सकते है.

प्रवृति का अर्थ – इसे व्यक्ति, वस्तु, घटना-गतिविधि, गलत-विचार, सहीं-विचार आदि के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।

प्रवृति रवैया का मापन – Measurement of attitudes

रवैया या प्रवृति (attitudes) को मापने के लिए अनेक मापक (measurements) और पैमाने (scales) का प्रयोग किया जाता है हालांकि यह सुनने और पढ़ने में थोड़ा अजीब जरूर लगता है.

परन्तु जिस तरह मनुष्य के हर एक मूवमेंट को किसी ना किसी प्रकार से मापा जा सकता है. ठीक उसी तरह रवैया (प्रवृति) को भी मापने का एक पैमाना उपयोग में लाया जाता है.

हलाकि, प्रवृति के मापन में मुश्किल हो सकती है क्योंकि इसका मापन मनमाना (arbitrary) है या यूँ कहे की कोई सौ प्रतिशत गारंटी के साथ नहीं है.

उदाहरण के लिए – मान लीजिये की आप मानशिक रूप से परेशान हैं और अपनी इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए किसी मनोविशेषज्ञ के पास जाते हैं…तो क्या वह आपको पूरी तरह समझ पायेगा – उत्तर है नहीं, हाँ.. वह बहुत हद तक समझ जायेगा परन्तु पूरी तरह तो नहीं.

प्रवृति आदत (रवैया) की संरचना – Attitude structure in hindi

विलियम जे. मैक्मुरे द्धारा कहा गया है कि – प्रवृति में ज्ञान प्रभाव और व्यवहार सम्बन्धी तत्व होतें है। चाहे वह ज्ञान सकारात्मक हो या नकारात्मक।

मतलब एक व्यक्ति के अंदर जो भी गुण होता है उसे हम दो तरीके से ही देख सकते है या दो सहीं प्रवृति या फिर गलत प्रवित्ति के रूप में यह इस तरह है कि…एक व्यक्ति आपके लिए गलत हो सकता है परन्तु अपनी जगह वह खुद को सहीं समझेगा।

सब व्यक्ति की प्रवृति अलग-अलग होती है… किसी चीज के लिए आप अपनी जगह सहीं हो सकते हैं परन्तु उसी वक्त आप किसी दूसरे के लिए गलत भी हो सकते हैं।

समस्या समाधान – problem solving

समस्या के समाधान का सोंच हमारे व्यवहारिता में सदियों से है। हालाँकि कुछ ही नाम है जैसे – दुनिया के नामी दर्शनशास्त्री, कवियों इत्यादि।

जिन्होंने इसके वास्तविकता को देखा और इसमें महारत हासिल की। ताकि वे चीजों के गहन अर्थों और रहस्यों को समझ सके उन्हें सुलझा सके।

उदाहरण के तौर पर….. हम सब जानते हैं कि सेब का पेंड सदियों से विद्यमान है, परन्तु सेब के पेड़ से सेब गिरने के बारे में व गुरुत्वाकर्षण के नियम केवल न्यूटन ने ही पता लगाया।

कहा जाता है – समस्या वह रास्ता है जो एक कड़ी को दूसरे कड़ी से जोड़ता है। और कई समाधानों का निर्माण करता है।

वैचारिक कौशल – Thinking skills in hindi

यह व्यक्ति के वैचारिक क्षमता के आकलन, उनकी योग्यता को मापने के लिए किया जाने परीक्षण है। जो आज के समय में जॉब इंटरव्यू में चयन प्रक्रिया के लिए उपयोग किया जाता है।

इसके माध्यम से इंटरव्यू लेने वाला व्यक्ति पूरी तरह आपके विचारों और सोच को जानना चाहता है।

व्यवहारिक कुशलता प्राप्त करने के तरीके – vyavaharik kaushal in hindi

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1. अपने शरीर को बातचीत के अनुरूप बनाकर – बॉडी लेंग्वेज 

अक्सर हम जब बात कर रहे होते हैं तब हमारा शरीर कुछ और प्रतिक्रिया कर रहा होता है. बात किसी और दिशा में चल रहा होता है और शारीरिक क्रियाएं किसी और दिशा में.

इसे समझना बहुत ही जरुरी है क्योंकि जब हम इंटरव्यू में जाते है. तब एक व्यक्ति ऐसा होता है जो हमारे बॉडी लेंग्वेज या यूँ कहे कि हमारी हरकतों पर नजर रखे हुए होता है. सफलता के लिए बॉडी लैंग्वेज की स्किल पर काम अवश्य करें.

2. आपमे एक अच्छा वक्ता व मोटिवेट करने का स्किल होना चाहिए

अगर आप एक उद्यमी है या उद्यम करना चाहते हैंबिजनेस बढ़ाना चाहते हैं, लोगों को काम पे रखना चाहते हैं उस स्थिति में आपको एक अच्छा वक्ता और मोटिवेशन करने वाला व्यक्ति होना बहुत ही जरुरी है.

यह कला आपमें होनी चाहिए तभी आप अपने टीम का अच्छे से नेतृत्व कर पाएंगे। 

3. किसी की बात को पूरा ध्यान से सुनना – तेज श्रवण स्किल 

अगर आपमें ध्यान से सुनने की स्किल है तो बहुत सी चीजे आसान हो जाती है. आप चीजों को जल्दी समझ जाते है इससे time भी बचाया जा सकता है और अपने अंदर growth लाया जा सकता है.

यह स्किल ज्यादातर लोगों के पास नहीं होती या अधिकतर लोग इसको इतना जरुरी नहीं समझते जबकि इन सब ज्ञान का आप में होना बहुत ही जरुरी है. ये सफलता को आसान करने के माध्यम हैं.

4. सामने वाले के आँखों में देखकर बात करना 

यह बहुत ही जरुरी skills है अगर आपमें आँखों को देखकर बात करने का हुनर है. तब आप डरे हुए हो फिर भी सामने वाले को अंदाजा नहीं होता कि आप डरे हुए हो, इस कला से अपने भावनाओं को अच्छे से व्यक्त किया जा सकता है.

इससे सामने वाले का भी मन आपके बातों को सुनने में लगता है. यह स्किल आपके बिजनेस, व्यापार लाइफ के साथ-साथ सामान्य लाइफ में भी बहुत आवश्यक और जरुरी है। 

5. संचार कौशल बेहतर रखें – शब्दों का अच्छा ज्ञान व पकड़ हो 

एक बेहतरीन संवाद और वार्तालाप के लिए शब्दों अच्छा ज्ञान होना बहुत आवश्यक है, आपमें तुरंत हाजिर जवाबी का हुनर होना चाहिए और वह तब होगा

जब आपके दिमाग के डिक्शनरी में असीमित शब्दों का भंडार होगा तो इसके लिए आपको चाहिए की आप ज्यादा से ज्यादा books पढ़ें और अपने अंदर skills डेवलप करें।

अंतिम शब्द

मुझे पूरी उम्मीद है कि आपको मेरा यह लेख व्यावहारिक कौशल क्या है व व्यावहारिक ज्ञान क्या है? (vyavaharik gyan kya hai. vyavaharik kaushal kya hai) पसंद आया होगा

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